Friday, May 15, 2020

Bewafa Shayari in Hindi | Bewafa Shayari Status | दर्द भरी बेवफा शायरी


Bewafa Shayari: आजकल आये दिन न जाने कितने ही लोग है जो एक दुसरे के साथ बेवफाई करते हैं, कोई लड़की तो पैसो के खातिर तो कोई लड़का दूसरी वाली अच्छी मिलने पर अपनी पुरानी गर्लफ्रेंड को छोड़ देते हैं। आजकल के इस बेवफाई भरे ज़माने में हम आपके लिए Bewafa Shayari in Hindi लेकर आये हैं। आप इन दर्द भरी बेवफा शायरी को अपने बेवफा गर्लफ्रेंड या बॉयफ्रेंड के साथ शेयर कर पाएंगे। यहाँ आपको Bewafa Dard Shayari Photo भी मिलेंगे जिन्हें आप अपने whatsaap या facebook के status पर लगा सकते हैं।
Bewafa Shayari in Hindi
Bewafa Shayari in Hindi
अब कोन ज्यादा Bewafa होता है इसका तो हमें भी मालूम नहीं है लेकिन  हम आपके लिए यहाँ पर आपके बेवफा सनम के लिए Bewafa Shayari In Hindi For Girlfriend, और साथ boyfriend के लिए दे रहे हैं जिन्हें आप नीचे देख सकते हैं। यहाँ हमने आपके लिए बहुत ही अच्छी बेवफाई शायरी शेयर की है आपको हमारी बेवफाई शायरी जरुर पसंद आयेगी।

Bewafa Shayari in Hindi

आजकल के ज़माने में प्यार तो एक खेल हो गया जब चाह किसी से प्यार कर लिए जब चाह किसी को कभी भी छोड़ दिया। आजकल ऐसा करना बहुत आसन हो गया है कभी लड़का छोड़ देता है तो कभी लड़की छोड़ कर चली जाती है। लेकिन इनमे से बहुत से लड़के या लड़की ऐसे होते है जो अपने सनम से सच्चा प्यार करते हैं और जब उनका सनम उनको ऐसा छोड़ देता है तो उनको बहुत बुरा लगता है। इस तरह बेवफाई पर बहुत से लोग सहन नहीं कर पाते और गलत काम कर बैठते हैं। अगर आपके साथ भी किसी ने बेवफाई की है तो आप उसे Bewafa Shayari in Hindi को अपने status पर लगा सकते हैं। क्या पता आपकी बेवफाई शायरी पढ़कर उसे लगे आप उससे कितना प्यार करते हैं।

Bewafa Shayari Status

हर कोई आजकल सोशल मीडिया को use करता है और अपने दिल की बात सोशल मीडिया के माद्यम से रखता है। आप भी हमारी के दर्द भरी बेवफा शायरी माद्यम से अपने दिल की बात किसी को बता सकते हैं। आपको बस हमारे Bewafa Shayari Status कॉपी करना है और अपने status पर लग देना है।

Bewafa Dard Shayari Photo

Bewafa Dard Shayari Photo
*निभा*
वह *निभा* ना सका, ये अलग बात है,
पर जो वादे उसने किए थे, गज़ब के थे...

*वो मिली भी तो*
*वो मिली भी तो* क्या मिली बन के बेवफा मिली,
इतने तो मेरे गुनाह ना थे जितनी मुझे सजा मिली।

*ये मोहब्बत करने*
बहुत अजीब हैं *ये मोहब्बत करने* वाले,
बेवफाई करो तो रोते हैं और वफा करो तो रुलाते हैं।

*
यूँ है सबकुछ*
*यूँ है सबकुछ* मेरे पास बस दवा-ए-दिल नही,
दूर वो मुझसे है पर मैं उस से नाराज नहीं,
मालूम है अब भी मोहब्बत करता है वो मुझसे,
वो थोड़ा सा जिद्दी है लेकिन बेवफा नहीं।

*मेरी निगाहों में*
*मेरी निगाहों में* बहने वाला ये आवारा से अश्क
पूछ रहे है पलकों से तेरी बेवफाई की वजह।

*रुशवा क्यों करते*
*रुशवा क्यों करते* हो तुम इश्क़ को, ए दुनिया वालो,
मेहबूब तुम्हारा बेवफा है, तो इश्क़ का क्या गनाह।

*महबूब अगर बेवफा*
*महबूब अगर बेवफा* हो इश्क अगर सच्चा हो,
मेरे यारों कहानी कुछ अधूरी-सी लगती है।

*दोस्तो आज पीने*
*दोस्तो आज पीने* के लिये मना मत करना,
आज किसी बेवफा का जन्मदिन है।

*बेवफा तेरा मासूम*
*बेवफा तेरा मासूम* चेहरा भूल जाने के काबिल नही,
है मगर तू बहुत खुबसूरत दिल लगाने के काबिल नही।

*तू भी आईने की*
*तू भी आईने की* तरह बेवफा निकला,
जो सामने आया उसी का हो गया.
तेरा ख्याल दिल से मिटाया नहीं अभी,
बेवफा मैंने तुझको भुलाया नहीं अभी।

*हमसे न करिये बातें*
*हमसे न करिये बातें* यूँ बेरुखी से सनम,
होने लगे हो कुछ-कुछ बेवफा से तुम।

*दिल के दरिया*
*दिल के दरिया* में धड़कन की कश्ती है,
ख़्वाबों की दुनिया में यादों की बस्ती है,
मोहब्बत के बाजार में चाहत का सौदा है,
वफ़ा की कीमत से तो बेवफाई सस्ती है।

*ढूंढ़ तो लेते*
*ढूंढ़ तो लेते* अपने प्यार को हम,
शहर में भीड़ इतनी भी न थी,
पर रोक दी तलाश हमने,
क्योंकि वो खोये नहीं बदल गए थे।

*अपने तजुर्बे की*
*अपने तजुर्बे की* आज़माइश की ज़िद थी,
वर्ना हमको था मालूम कि तुम बेवफा हो जाओगे।

*नज़ारे तो बदलेंगे*
*नज़ारे तो बदलेंगे* ही ये तो कुदरत है,
अफ़सोस तो हमें तेरे बदलने का हुआ है।

*मोहब्बत से रिहा*
*मोहब्बत से रिहा* होना ज़रूरी हो गया है,
मेरा तुझसे जुदा होना ज़रूरी हो गया है,
वफ़ा के तजुर्बे करते हुए तो उम्र गुजरी,
ज़रा सा बेवफा होना ज़रूरी हो गया है।

*अब के अब तस्लीम*
*अब के अब तस्लीम* कर लें तू नहीं तो मैं सही,
कौन मानेगा कि हम में से बेवफा कोई नहीं।

*मेरे फन को तराशा*
*मेरे फन को तराशा* है सभी के नेक इरादों ने,
किसी की बेवफाई ने किसी के झूठे वादों ने।

*खुदा ने पूछा क्या*
*खुदा ने पूछा क्या* सज़ा दूँ उस बेवफ़ा को,
दिल ने कहा मोहब्बत हो जाए उसे भी।

*जाते-जाते उसके*
*जाते-जाते उसके* आखिरी अल्फाज़ यही थे,
जी सको तो जी लेना मर जाओ तो बेहतर है।

*बंद कर देना*
*बंद कर देना* खुली आँखों को मेरी आ के तुम,
अक्स तेरा देख कर कह दे न कोई बेवफा।

*वफा की तलाश*
*वफा की तलाश* करते रहे हम
बेवफाई में अकेले मरते रहे हम,
नहीं मिला दिल से चाहने वाला
खुद से ही बेबजह डरते रहे हम,
लुटाने को हम सब कुछ लुटा देते
मोहब्बत में उन पर मिटते रहे हम,
खुद दुखी हो कर खुश उन को रखा
तन्हाईयों में साँसें भरते रहे हम,
वो बेवफाई हम से करते ही रहे
दिल से उन पर मरते रहे हम।

*बंद कर देना खुली*
*बंद कर देना खुली* आँखों को मेरी आ के तुम,
अक्स तेरा देख कर कह दे न कोई बेवफा।

*वो निकल गए*
*वो निकल गए* मेरे रास्ते से इस कदर कि,
जैसे कि वो मुझे पहचानते ही नहीं,
कितने ज़ख्म खाए हैं मेरे इस दिल ने,
फिर भी हम उस बेवफ़ा को बेवफ़ा मानते ही नहीं।

*अगर दुनिया*
*अगर दुनिया* में जीने की चाहत न होती,
तो खुदा ने मोहब्बत बनायी न होती,
इस तरह लोग मरने की आरजू न करते,
अगर मोहब्बत में किसी की बेवफाई न होती।

*तेरी वफ़ा के*
*तेरी वफ़ा के* तकाजे बदल गये वरना,
मुझे तो आज भी तुझसे अजीज कोई नहीं।

*न पूछ मेरे सब्र*
*न पूछ मेरे सब्र* की इन्तहां कहाँ तक है,
तू सितम कर ले तेरी हसरत जहाँ तक है,
वफ़ा की उम्मीद जिन्हें होगी उन्हें होगी,
हमे तो देखना है तू बेवफा कहाँ तक है।

*इंसान के कंधो*
*इंसान के कंधो* पर इंसान जा रहा था,
कफ़न में लिपटा हुआ अरमान जा रहा था,
जिसे भी मिली बेवफाई मोहब्बत में,
वफ़ा कि तलास में शमसान जा रहा था।

*कैसे यकीन करे*
*कैसे यकीन करे* हम तेरी मोहब्बत का,
जब बिकती है बेवफाई तेरे ही नाम से।

*मोहब्बत का नतीजा*
*मोहब्बत का नतीजा* दुनिया में हमने बुरा देखा,
जिन्हें दावा था वफ़ा का उन्हें भी हमने बेवफा देखा।
तुझे है मशक़-ए-सितम का मलाल वैसे ही,
हमारी जान है जान पर बबाल वैसे ही,
चला था जिक्र जमाने की बेवफ़ाई का,
तो आ गया है तुम्हारा ख्याल वैसे ही।

*जब तक न लगे*
*जब तक न लगे* बेवफ़ाई की ठोकर दोस्त,
हर किसी को अपनी पसंद पर नाज़ होता है।

*तेरी तो फितरत थी*
*तेरी तो फितरत थी*
सबसे मोहब्बत करने की,
हम बेवजह खुद को
खुश नसीब समझने लगे।

*तलाश-ए-ज़िन्दगी*
फिर से निकलेंगे *तलाश-ए-ज़िन्दगी* में,
दुआ करना इस बार कोई बेवफा न निकले।

*नज़र नज़र से*
*नज़र नज़र से* मिलेगी तो सर झुका लेंगे,
वो बेवफा है मेरा इम्तहान क्या लेगा,
उसे चिराग जलाने को मत कह देना,
वो ना समझ है कहीं उँगलियाँ जला लेगा।

*उसके चेहरे पर*
*उसके चेहरे पर* इस कदर नूर था,
कि उसकी याद में रोना भी मंज़ूर था,
बेवफ़ा भी नहीं कह सकते उसको 'फराज़',
प्यार तो हमने किया है वो तो बेक़सूर था।

दर्द भरी बेवफा शायरी
*अब देखिये तो*
*अब देखिये तो* किस की जान जाती है,
मैंने उसकी और उसने मेरी कसम खायी है।

*उसकी बेवफाई पे*
*उसकी बेवफाई पे* भी फ़िदा होती है जान अपनी,
अगर उसमे वफ़ा होती तो क्या होता खुदा जाने।

*दो दिलों की*
*दो दिलों की* धड़कनों में एक साज़ होता है,
सबको अपनी-अपनी मोहब्बत पर नाज़ होता है,
उसमें से हर एक बेवफा नहीं होता,
उसकी बेवफ़ाई के पीछे भी कोई राज होता है।

*बेवफाओं की इस*
*बेवफाओं की इस* दुनिया में संभल कर चलना,
यहाँ मोहब्बत से भी बरबाद कर देतें हैं लोग।

*जानते थे कि*
*जानते थे कि* नहीं हो सकते कभी तुम हमारे,
फिर भी खुदा से तुम्हें माँगने की आदत हो गयी,
पैमाने वफ़ा क्या है, हमें क्या मालूम,
कि बेवफाओं से दिल लगाने की आदत हो गयी।

*कभी ग़म*
*कभी ग़म* तो कभी तन्हाई मार गयी,
कभी याद आकर उनकी जुदाई मार गयी,
बहुत टूट कर चाहा जिसको हमने,
आखिर में उसकी बेवफाई मार गयी।

Conclusion

अब ज़िन्दगी का आना जाना लगा रहता है अगर आपको कोई छोड़ कर चला गया है इसका मतलब यह तो नहीं आपकी life ख़त्म हो गयी है। ज़िन्दगी ऐसी ही है बस आप अपनी life को आगे बढ़ते रहें। आप अपने status पर Bewafa Shayari in Hindi लगायें।
अगर आपको हमारी दर्द भरी बेवफा शायरी पसंद आई है तो आप इन्हें अपने बेवफा सनम के साथ जरुर शेयर करें।

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